
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत और उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी भूल नहीं पाए हैं।
नाना की खासियत यह थी कि वह हर भूमिका को अपने अलग अंदाज में पर्दे पर उतारते थे। गंभीर किरदार हो, खलनायक की भूमिका हो या फिर कॉमेडी, उनकी अदाकारी हर जगह अपनी छाप छोड़ती थी। आइए जानते हैं उनके करियर की उन फिल्मों के बारे में, जिन्होंने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
परिंदा ने दिखाया नाना का खतरनाक अंदाज
1989 में रिलीज हुई परिंदा में नाना पाटेकर ने अंडरवर्ल्ड डॉन अन्ना सेठ का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
तिरंगा में दिखा देशभक्ति का जोश
1993 की तिरंगा में नाना पाटेकर और राजकुमार की जोड़ी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। देशभक्ति की कहानी और नाना के दमदार अभिनय ने फिल्म को खास पहचान दिलाई।
क्रांतिवीर ने बनाया राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता
1994 में आई क्रांतिवीर नाना पाटेकर के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। उन्होंने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके संवाद और अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
अग्निसाक्षी में दिखा खतरनाक जुनून
1996 की थ्रिलर फिल्म अग्निसाक्षी में नाना ने एक जुनूनी पति की भूमिका निभाई थी। इस नेगेटिव किरदार में उन्होंने ऐसा अभिनय किया कि फिल्म देखने वालों के बीच उनकी भूमिका लंबे समय तक चर्चा में रही।
खामोशी में बिना शब्दों के जीता दिल
संजय लीला भंसाली की 1996 में आई फिल्म खामोशी: द म्यूजिकल में नाना पाटेकर ने एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई जो सुन और बोल नहीं सकता। भावनाओं से भरे इस किरदार में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई।
अब तक छप्पन में बने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट
2004 में रिलीज हुई अब तक छप्पन में नाना ने पुलिस अधिकारी साधु आगाशे का किरदार निभाया। उनका शांत लेकिन प्रभावशाली अंदाज इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियतों में रहा। इस भूमिका को नाना के यादगार किरदारों में गिना जाता है।
अपहरण में दिखा राजनीति का अलग चेहरा
2005 में आई प्रकाश झा की फिल्म अपहरण में नाना पाटेकर ने एक ग्रे शेड वाला किरदार निभाया। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली और इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
वेलकम ने बना दिया कॉमेडी का यादगार किरदार
2007 में आई वेलकम में नाना पाटेकर ने डॉन उदय शेट्टी का किरदार निभाकर कॉमेडी की दुनिया में भी अपनी खास पहचान बनाई। उनका अंदाज और संवाद दर्शकों को खूब पसंद आया। 2015 में आई वेलकम बैक में भी उन्होंने इसी किरदार को आगे बढ़ाया।
राजनीति में दिखी गंभीर अदाकारी
2010 की फिल्म राजनीति में नाना पाटेकर ने बृज गोपाल की भूमिका निभाई। महाभारत से प्रेरित इस राजनीतिक ड्रामा में उनका किरदार कहानी का अहम हिस्सा था। गंभीर अभिनय के लिए नाना को एक बार फिर दर्शकों की खूब सराहना मिली।
नटसम्राट में अभिनय की दिखाई मिसाल
2016 में रिलीज हुई मराठी फिल्म नटसम्राट को नाना पाटेकर के करियर की बेहद खास फिल्मों में माना जाता है। रंगमंच के एक दिग्गज कलाकार के जीवन और उसके संघर्ष को उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में पर्दे पर उतारा। यह भूमिका उनकी अभिनय क्षमता का एक और मजबूत उदाहरण बनी।




















