

पश्चिम बंगाल : भारतीय जनता पार्टी एक बड़े वैचारिक और राजनीतिक संदेश के साथ नई पहल की तैयारी में है। कोलकाता में भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का निर्माण कराने जा रही है। इस परियोजना का भूमि पूजन 6 जुलाई को किया जाएगा।
भव्य प्रतिमा के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश
भाजपा की योजना है कि इस विशाल प्रतिमा के माध्यम से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और विचारों को व्यापक स्तर पर जनता के बीच रखा जाए। पार्टी इसे पश्चिम बंगाल में अपनी वैचारिक मौजूदगी को मजबूत करने के कदम के रूप में देख रही है।इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
20 जून को ‘बंगाल स्थापना दिवस’ का आयोजन
भाजपा 20 जून को पश्चिम बंगाल में “बंगाल स्थापना दिवस” के रूप में मनाने की भी तैयारी कर रही है। इस अवसर पर राज्यभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 जून को कोलकाता दौरे पर रहने और इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। इसके बाद 21 जून को वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी हिस्सा ले सकते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ को केंद्र में रखकर तैयारी
20 जून 1947 को बंगाल विधानसभा में बंगाल विभाजन और पश्चिम बंगाल के गठन का प्रस्ताव सामने आया था। उस दौर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत के साथ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी।भाजपा इसी ऐतिहासिक संदर्भ को आधार बनाकर इस आयोजन को और व्यापक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
जन्मदिवस पर मूर्ति निर्माण की योजना
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई को डॉ. मुखर्जी का जन्मदिन है। इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए उनकी भव्य प्रतिमा के निर्माण का भूमि पूजन किया जाएगा, जिससे इसे प्रतीकात्मक महत्व भी दिया जा सके।
जिलों में व्यापक स्तर पर आयोजन की तैयारी
भाजपा ने 20 जून के कार्यक्रम को केवल कोलकाता तक सीमित न रखते हुए पूरे पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में उत्सव के रूप में मनाने की योजना बनाई है। इसके जरिए पार्टी राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।




















