

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार अमेरिका से आए पैसों का उपयोग बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किया गया।
95 करोड़ की एंट्री, 6.5 करोड़ का प्रदेश में इस्तेमाल
जांच में यह सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए देश में लाए गए। इनमें से लगभग 6.5 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में खर्च किए गए। इस पूरे मामले का संबंध द टिमोथी इनिशिएटिव नाम की संस्था से जोड़ा जा रहा है, जो भारत में न तो पंजीकृत है और न ही एफसीआरए के तहत मान्यता प्राप्त है।
PCC चीफ का हमला, सरकार से पूछे सीधे सवाल
इस मुद्दे पर दीपक बैज ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब यह मामला 2025 का है और उस समय दोनों स्तर पर भाजपा की सरकार थी, तो इतनी बड़ी विदेशी फंडिंग देश में कैसे आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रही है।
जांच एजेंसियों पर भी उठे सवाल, प्रोपेगेंडा का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि सरकार बार-बार जांच एजेंसियों का हवाला देकर जनता का ध्यान भटका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मामला गंभीर है तो पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करवाई जाए, किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
मुख्यमंत्री का जवाब, जांच पूरी होने तक इंतजार की बात
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस मामले में ईडी ने प्राथमिक जानकारी सामने रखी है और अब एजेंसी विस्तृत जांच करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के आधार पर जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
विदेशी फंडिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ जहां सरकार जांच पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बताकर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेंगे।
































