

सूरजपुर: शासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई जरूरतमंद अब भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही मामला भैयाथान जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत राई के माझापारा से सामने आया है, जहां 60 प्रतिशत दिव्यांग युवती अतवारो देवांगन को आज तक न तो तीन पहिया साइकिल मिल सकी है और न ही दिव्यांग पेंशन का लाभ।

जानकारी के अनुसार अतवारो देवांगन, पिता जीवधन देवांगन, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखती हैं। परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग में आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा किए, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
परिजनों का कहना है कि तीन पहिया साइकिल नहीं होने के कारण अतवारो को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। वहीं दिव्यांग पेंशन की राशि नहीं मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो गई है। परिवार को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
अतवारो के भाई रामकुमार ने बताया कि सभी जरूरी दस्तावेज विभाग में जमा करने के बावजूद अब तक पेंशन की राशि उनके खाते में नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे परिवार निराश और परेशान है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। यदि किसी पात्र दिव्यांग को बार-बार आवेदन करने के बाद भी सहायता नहीं मिल रही है तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर अतवारो देवांगन को शीघ्र तीन पहिया विकलांग साइकिल उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी दिव्यांग पेंशन तत्काल स्वीकृत कर नियमित रूप से जारी की जाए, ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने में मदद मिल सके।





















