

बलरामपुर : बलरामपुर जिले की राजपुर पुलिस ने पशु तस्करी के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। पुलिस ने पहले ही 12 भैंस, एक पिकअप वाहन और एक ब्रेजा कार जब्त कर ली थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पशु तस्करी और अवैध पशु परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना राजपुर पुलिस के अनुसार 11 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन क्रमांक UP-65 QT-1375 में 12 भैंसों को क्रूरतापूर्वक भरकर उत्तर प्रदेश वध के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने ग्राम गोपालपुर के पास घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।जांच के दौरान वाहन में भैंसों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाते पाया गया। मौके से चालक अशोक गिरी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी फरार हो गए। पुलिस ने पिकअप वाहन, ब्रेजा कार और 12 भैंसों को जब्त कर ग्राम बासेन स्थित गौशाला में सुरक्षित रखवा दिया।विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पहले आरोपी सलमान उर्फ सहजाद आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद लगातार की गई पतासाजी के दौरान फरार आरोपी अभिमन्यु गिरी (23 वर्ष) और निखिल गिरी (26 वर्ष), दोनों निवासी थाना चकिया, जिला चंदौली (उत्तर प्रदेश), को 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 3 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रामानुजगंज भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 147/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना जारी रखी है।
इस पूरी कार्रवाई में एएसआई अशोक तिर्की, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रतीक नेताम, दयाराम वट्टी, आरक्षक रुपेश गुप्ता एवं सैनिक शैलेंद्र गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











