
रायपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन और बैंक खाते की स्थिति जांचना जरूरी है। केंद्र सरकार की ओर से 21 अक्टूबर 2026 तक अगली किस्त जारी करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में अक्टूबर के दौरान भुगतान होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसे आधिकारिक सूचना नहीं माना जाना चाहिए।
योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी की गई थी। अब लाभार्थियों की नजर अगली किस्त पर है।
PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी?
किसानों को 24वीं किस्त की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। किस्त जारी होने की तारीख तय होने के बाद सरकार संबंधित सूचना अपने आधिकारिक माध्यमों से साझा करेगी।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान अगली किस्त की जानकारी तलाश रहे हैं। ऐसे में किसी वायरल मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई तारीख को सही मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
इन 3 कारणों से रुक सकती है किस्त
पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए किसान की पात्रता और बैंक संबंधी रिकॉर्ड सही होना जरूरी है। निम्नलिखित कारणों से भुगतान में परेशानी आ सकती है।
1. ई-केवाईसी पूरी नहीं होना
योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। यदि यह प्रक्रिया अधूरी है, तो किस्त मिलने में रुकावट आ सकती है। किसान आधिकारिक पोर्टल पर इसकी स्थिति जांच सकते हैं।
2. जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित होना
किसान के नाम दर्ज कृषि भूमि से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन भी महत्वपूर्ण है। यदि पोर्टल पर Land Seeding की स्थिति 'No' या लंबित दिखाई दे रही है, तो संबंधित कृषि विभाग या राजस्व कार्यालय से संपर्क कर रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की प्रक्रिया पूछें।
3. बैंक खाते में आधार सीडिंग की समस्या
योजना की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से भेजी जाती है। ऐसे में बैंक खाते का सक्रिय होना और आधार आधारित भुगतान के लिए जरूरी सीडिंग व NPCI मैपिंग सही होना महत्वपूर्ण है। किसी गड़बड़ी की आशंका होने पर बैंक से संपर्क करके स्थिति की पुष्टि करें।
घर बैठे ऐसे पूरी करें PM Kisan e-KYC
किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर उपलब्ध e-KYC विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी के अनुसार आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP का सत्यापन करें।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-केवाईसी की स्थिति जांच लें।
यदि आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या OTP के जरिए सत्यापन नहीं हो पा रहा है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की सुविधा ले सकते हैं। पीएम किसान मोबाइल एप पर फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध है।
जमीन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं है तो क्या करें?
यदि पोर्टल पर भूमि सत्यापन अधूरा दिखाई दे रहा है, तो किसान अपने क्षेत्र के पटवारी, राजस्व अधिकारी या कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारी संबंधित दस्तावेजों की जांच करके रिकॉर्ड में जरूरी सुधार की प्रक्रिया बता सकते हैं।
ध्यान रखें कि भूमि रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद भी किस्त का भुगतान योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी होने पर ही किया जाता है।
बैंक खाते की स्थिति भी जरूर जांचें
पीएम किसान की राशि प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का सही विवरण होना जरूरी है। किसान अपनी बैंक शाखा में जाकर इन बातों की पुष्टि कर सकते हैं:
- बैंक खाता सक्रिय है या नहीं।
- आधार खाते से सही तरीके से जुड़ा है या नहीं।
- आधार आधारित DBT भुगतान के लिए NPCI मैपिंग सही है या नहीं।
- खाते से संबंधित जानकारी में कोई त्रुटि तो नहीं है।
यदि भुगतान असफल हुआ है, तो बैंक से उसका कारण पता करके जरूरी सुधार कराएं।
किन किसानों को नहीं मिलता योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करने वाले भूमिधारक किसान परिवारों को मिलता है। योजना में कुछ श्रेणियों के लोगों को बाहर रखा गया है। इनमें निर्धारित नियमों के तहत आयकरदाता, कुछ सरकारी कर्मचारी, संवैधानिक पदों पर रहे व्यक्ति और कुछ पेशेवर वर्ग शामिल हैं। कुछ पेंशनधारकों पर भी अपात्रता संबंधी नियम लागू होते हैं।
योजना में किसान परिवार की परिभाषा के तहत पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे आते हैं। सामान्य नियमों के अनुसार पात्रता परिवार के आधार पर निर्धारित होती है। इसलिए एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा अलग-अलग लाभ लेने के मामलों में पात्रता की जांच हो सकती है। अंतिम निर्णय योजना के लागू नियमों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर होता है।
PM Kisan की 24वीं किस्त का स्टेटस कैसे देखें?
किसान आधिकारिक पोर्टल पर अपनी पंजीकरण और भुगतान संबंधी जानकारी जांच सकते हैं।
- https://pmkisan.gov.in वेबसाइट खोलें।
- 'Know Your Status' विकल्प पर जाएं।
- अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें।
- पंजीकरण नंबर याद नहीं होने पर 'Know Your Registration Number' सुविधा का इस्तेमाल करें।
- स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करके संबंधित जानकारी देखें।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, किसान भुगतान की स्थिति और ई-केवाईसी सहित अपने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकते हैं।
लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे खोजें?
योजना की वेबसाइट पर 'Beneficiary List' विकल्प चुनकर लाभार्थी सूची देखी जा सकती है। इसके लिए राज्य, जिला, उपजिला, ब्लॉक और गांव का चयन करना होगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की सूची में अपना नाम खोजें।
यदि पात्र होने के बावजूद नाम सूची में नहीं दिखाई देता है, तो पंजीकरण और सत्यापन की स्थिति की जांच करें। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग से संपर्क करें।
क्या पिछली किस्त रुकी होने पर 4,000 रुपये मिल सकते हैं?
यदि किसी किसान की पिछली किस्त सत्यापन या तकनीकी समस्या के कारण लंबित है, तो पात्रता की पुष्टि और भुगतान स्वीकृत होने के बाद बकाया राशि मिल सकती है। ऐसी स्थिति में पिछली और अगली किस्त की रकम मिलाकर 4,000 रुपये मिलने की संभावना हो सकती है।
हालांकि, हर किसान को एक साथ 4,000 रुपये देने का कोई सामान्य नियम नहीं है। भुगतान इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित किसान की कौन-सी किस्त लंबित है और उसका रिकॉर्ड पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
24वीं किस्त की तारीख घोषित होने से पहले ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन और बैंक खाते की स्थिति की जांच कर लें। इससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर समय रहते सुधार कराया जा सकता है।
किसी अनजान लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी न भरें और किसी के साथ OTP, UPI PIN या बैंक पासवर्ड साझा न करें। किस्त की तारीख और भुगतान से संबंधित सही जानकारी के लिए केवल पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी घोषणाओं पर भरोसा करें।
फिलहाल 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए अक्टूबर में भुगतान होने के दावों को निश्चित सूचना न मानें और सरकारी घोषणा का इंतजार करें।




















