

नई दिल्ली: देशभर के वाहन चालकों के लिए 3 जून की सुबह किसी हद तक सुकून लेकर आई. सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. लगातार महंगाई के दबाव के बीच जहां लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहीं कीमतें जस की तस बनी रहने से एक तरफ स्थिरता तो है, लेकिन जेब पर बोझ अभी भी पहले जैसा ही बना हुआ है.
महानगरों में कीमतों ने नहीं बदला रुख, बाजार में ठहराव का माहौल
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा. मुंबई में पेट्रोल 103.50 रुपये और डीजल 90.30 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया. वहीं कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.20 रुपये प्रति लीटर पर बिना किसी बदलाव के बने रहे. देश के प्रमुख महानगरों में आज कीमतों में किसी तरह की हलचल देखने को नहीं मिली, जिससे बाजार में स्थिरता का संकेत मिला.
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पुरानी दरें कायम, उपभोक्ताओं को नहीं मिली राहत
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पेट्रोल 94.85 रुपये और डीजल 87.98 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर पर पहले जैसी ही स्थिति बनी रही.
बिहार की राजधानी पटना में भी कीमतें जस की तस रहीं, जहां पेट्रोल 105.23 रुपये और डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. इन क्षेत्रों में भी किसी तरह की बढ़ोतरी या गिरावट दर्ज नहीं की गई.
क्यों हर दिन बदलती हैं ईंधन की कीमतें, समझिए असली वजह
पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ देश के भीतर तय नहीं होतीं. इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, और परिवहन लागत भी कीमतों को प्रभावित करती हैं. यही वजह है कि कई बार वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में तुरंत राहत नहीं मिल पाती.
अपने शहर के ताजा रेट ऐसे जानें मिनटों में
अगर आप अपने शहर के रोजाना बदलते पेट्रोल और डीजल रेट जानना चाहते हैं तो इसके लिए तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप सबसे आसान विकल्प हैं. इसके अलावा एसएमएस सेवा के जरिए भी उपभोक्ता अपने क्षेत्र की लेटेस्ट कीमतें घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. कंपनियां हर दिन सुबह नए रेट अपडेट करती हैं.
बढ़ते ईंधन दामों का सीधा असर आम बजट पर, हर घर की जेब पर दबाव
ईंधन की कीमतें सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहतीं. जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं तो ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ता है. इसी वजह से लगातार ऊंचे ईंधन दाम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं और लोग आने वाले समय में राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं.





















