Ujjain : सावन माह के दूसरे सोमवार पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से पहुंचे हजारों भक्त बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए देर रात से ही कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर के पट रात करीब ढाई बजे खोले गए, जिसके बाद प्रातः 3 बजे परंपरागत भस्म आरती संपन्न हुई।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और साध्वी हर्षानंद गिरी सहित कई प्रमुख श्रद्धालुओं ने भी बाबा महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

सावन में विशेष महत्व रखती है महाकाल की आराधना

हिंदू मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे माह में विधि-विधान से शिव पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल का विशेष अभिषेक किया गया। सबसे पहले जलाभिषेक के बाद पंचामृत से स्नान कराया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इसके बाद भांग, चंदन और पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार कर भगवान को दिव्य स्वरूप में सजाया गया और परंपरा के अनुसार भस्म अर्पित की गई।

भस्म आरती के दौरान गूंजा मंदिर परिसर

भस्म आरती के समय मंदिर परिसर शंखनाद, घंटियों, झांझ, मंजीरों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सावन के सोमवार को होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिसके लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

आज शाम निकलेगी बाबा महाकाल की शाही सवारी

सावन और भाद्रपद माह में प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल की पारंपरिक शाही सवारी निकालने की परंपरा है। इसी क्रम में आज शाम करीब 4 बजे महाकाल मंदिर से बाबा की सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।

धार्मिक मान्यता है कि राजा महाकाल अपनी प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते हैं और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करते हैं।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पिछले सावन सोमवार को महाकाल मंदिर में छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद इस बार भी प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। अनुमान है कि दूसरे सोमवार पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।

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