Nepal Escape Probe: लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उससे कई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उसने फरारी से जुड़े कई अहम खुलासे किए, हालांकि कुछ सवालों पर वह चुप रही। पूछताछ के दौरान उसने बार-बार सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत भी की।पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने बताया कि वह करीब 11 दिनों तक गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलती रही। इस दौरान वह कानपुर, आगरा, रायबरेली और नेपाल तक पहुंची। आखिरकार पुलिस ने उसे नागपुर से पकड़ लिया।

ड्राइवर पर था शक, इसलिए हमेशा साथ रखा

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में श्रद्धा ने बताया कि उसे आशंका थी कि ड्राइवर कहीं उसके बारे में कोई अहम जानकारी पुलिस को न दे दे। इसी वजह से वह उसे अपने साथ रखती थी। शिवा शर्मा की मौत के बाद वह कानपुर और आगरा भी गई थी।कानपुर में होटल में कमरा लेने पहुंची तो उससे पहचान पत्र मांगा गया। पहचान उजागर होने और पकड़े जाने के डर से वह बिना कमरा लिए ही वहां से निकल गई। इसके बाद उसने गाड़ी बुक की और नागपुर की ओर रवाना हो गई।

छोटे होटलों में ठहरने की कोशिश, रायबरेली में भी बदला ठिकाना

फरारी के दौरान श्रद्धा कथित तौर पर छोटे होटलों में ठहरने की कोशिश करती थी। उसे डर था कि बड़े होटलों में पहचान पत्र मांगे जाने पर पुलिस उस तक पहुंच सकती है।इस दौरान वह रायबरेली भी पहुंची, लेकिन अपने घर पर नहीं रुकी। पुलिस अब उसके फरार रहने के दौरान इस्तेमाल किए गए ठिकानों और यात्रा के पूरे क्रम की जानकारी जुटा रही है।

आमिर की मदद से नेपाल पहुंचने का दावा

पूछताछ में श्रद्धा ने बताया कि वह लखनऊ से आमिर के साथ नेपाल गई थी। नेपाल पहुंचने के लिए उसने बहराइच का रास्ता चुना था। पुलिस के अनुसार, इस यात्रा में आमिर ने उसकी मदद की थी।श्रद्धा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर फरारी के दौरान उसे सहयोग दिया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसे किन लोगों ने ठिकाने, वाहन या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

पूछताछ के बाद जेल भेजी गई श्रद्धा

श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस कई सवालों के जवाब तलाश रही है। पूछताछ के दौरान सांस लेने में परेशानी की शिकायत के कारण उससे हर पहलू पर जानकारी हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहा। कई घंटे की पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।अब पुलिस का जोर फरारी के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने, नेपाल जाने में मदद करने वाले लोगों की पहचान करने और मामले से जुड़े बाकी अनसुलझे सवालों के जवाब जुटाने पर है।

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