

मध्य प्रदेश : राजनीति में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तीसरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश में सियासी तनाव बढ़ गया है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन और उपवास का ऐलान किया है।
भोपाल में 5 घंटे का उपवास, दिग्गज नेता होंगे शामिल
कांग्रेस पार्टी ने रोशनपुरा चौराहे के पास 5 घंटे के उपवास का आयोजन किया है। यह उपवास सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, डॉ. विक्रांत भूरिया, कमलेश्वर पटेल, हेमंत कटारे, पीसी शर्मा, अरुण यादव और दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का आरोप और विरोध
कांग्रेस का आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा बीजेपी की आपत्ति के आधार पर नामांकन रद्द किया गया, जो राजनीतिक दबाव का नतीजा है। इस फैसले को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज करा रही है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बता रही है।
चुनाव आयोग से मुलाकात और शिकायत
इसी मामले को लेकर कांग्रेस का एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि तेलंगाना कोर्ट से जुड़े नोटिस की जानकारी नामांकन में दर्ज करने के नियम को लेकर स्पष्टता जरूरी है। साथ ही नामांकन रद्द किए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति भी दर्ज कराई जाएगी।
भोपाल में धरना और रातभर चला विरोध
मंगलवार को नामांकन रद्द होने के बाद विधानसभा परिसर में दिनभर विरोध प्रदर्शन चला। देर रात कांग्रेस नेता चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के नहीं मिलने पर धरने पर बैठ गए। बाद में डिप्टी सीईओ ने मुलाकात कर बुधवार को चर्चा का समय दिया।
सियासी तापमान बढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं, जबकि राज्यसभा चुनाव को लेकर विवाद और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




















