बलरामपुर: जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में अभियान के तहत जिले में उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अब तक जिले में कुल 90 विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 7,679 संभावित उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। चिन्हित सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें से 2,442 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यताएं पाई गईं। ऐसे संदिग्ध मरीजों के खंखार (स्यूटम) नमूने एकत्रित कर उनकी जांच ट्रू-नॉट मशीन के माध्यम से की जा रही है, जिससे टीबी रोग की पुष्टि की जा सके और आवश्यक उपचार तत्काल प्रारंभ किया जा सके।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के उद्देश्य से बलरामपुर विकासखंड सहित जिले के विभिन्न गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, एक्स-रे जांच तथा आवश्यक परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं उपचार

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी आ रही हो, सूखी खांसी बनी रहती हो, खांसी के साथ बलगम या खून आता हो, सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द महसूस होता हो, भूख कम लगती हो, वजन घट रहा हो, रात में हल्का बुखार आता हो अथवा लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती हो, तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। समय पर जांच और उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है तथा इसके संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

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