

अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि को लेकर सामने आए विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार मंदिरों में दान संग्रह और प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
देश के प्रमुख मंदिरों का होगा अध्ययन, उसी आधार पर तैयार होगा नया मॉडल
सरकार की योजना के तहत सबसे पहले देश के प्रसिद्ध और सुव्यवस्थित मंदिरों की दान व्यवस्था तथा प्रशासनिक मॉडल का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर ऐसा नया प्रबंधन ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे मंदिरों में दान राशि के संग्रह, रखरखाव और उपयोग की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सके।
कई स्तर पर जांच के बाद लागू होगी नई व्यवस्था
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित मॉडल को लागू करने से पहले विभिन्न स्तरों पर उसकी समीक्षा और परीक्षण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नई व्यवस्था व्यवहारिक होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत करे। सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
महाकाल, ओंकारेश्वर सहित प्रमुख मंदिरों में दिखेगा बदलाव
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों, जिनमें महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर सहित अन्य बड़े मंदिर शामिल हैं, वहां दान और प्रबंधन प्रणाली को नए मॉडल के अनुरूप संचालित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य मंदिरों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करना है।





















