

जिरहूल में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ वितरण
अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी; प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 1200 किसानों को वितरित किए गए जार एवं ड्रममी। बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के विकासखंड कुसमी में संचालित प्राकृतिक खेती मिशन (एमएमएनएफ) योजना के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जार एवं ड्रम वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत जिरहूल में आयोजित इस कार्यक्रम में 1200 किसानों को जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशकों के भंडारण हेतु जार एवं ड्रम वितरित किए गए।
जानकारी के अनुसार विकासखंड कुसमी में प्राकृतिक खेती मिशन योजना के अंतर्गत 10 क्लस्टरों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को जैविक खाद, जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य प्राकृतिक कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए जार एवं ड्रम उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष बसंती भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अशोक सोनी, जनपद सदस्य जीवंती तिर्की, ग्राम पंचायत जिरहूल के सरपंच जितेन्द्र भगत, मोतीनगर के राजकुमार एवं जिगनिया की मानमती सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रिझन एक्का ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत को कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कृषि विकास अधिकारी रुदन राम बघेल ने किसानों से योजना का अधिकतम लाभ लेने तथा प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं वितरण कार्य में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रुकसाय पैकरा, राकेश जायसवाल, चंदन पन्ना, हरिशंकर राठिया सहित सभी 20 कृषि सखियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन में किसानों को जार एवं ड्रम का वितरण सुचारू रूप से संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।





















