

मध्य प्रदेश : देवास से सोशल मीडिया से जुड़ी ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदली और फिर इसी भरोसे का फायदा उठाकर एक युवक ने नाबालिग लड़की से लाखों रुपये और कीमती आभूषण हड़प लिए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसकी सहयोगी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बैंक खाते में बचे सिर्फ 19 रुपये, तब खुला पूरा राज
मामले की शुरुआत तब हुई जब मिश्रीलाल नगर एक्सटेंशन निवासी एक महिला ने 3 जून 2026 को औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग पोती के कारण परिवार के बैंक खाते से बड़ी रकम गायब हो गई है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि खाते में केवल 19 रुपये शेष बचे हैं, जबकि करीब 8 से 10 लाख रुपये एक युवक के खाते में ट्रांसफर किए जा चुके थे।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत, फिर प्रेमजाल में फंसाया
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि दिसंबर 2024 में उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर आशीष डामोर नामक युवक से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का वादा कर उसका विश्वास जीत लिया।
इसके बाद युवक ने रुपये दोगुना करके लौटाने का लालच दिया और नाबालिग को परिवार के बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए तैयार कर लिया। भरोसे में आई लड़की ने लाखों रुपये आरोपी के खाते में भेज दिए।
नकदी के साथ घर के जेवर भी ले गया आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर में रखे सोने और चांदी के आभूषण भी हासिल कर लिए। रुपये और जेवर मिलने के बाद उसने धीरे-धीरे संपर्क खत्म कर दिया और दूरी बना ली।
ऑनलाइन गेमिंग की लत बनी ठगी की वजह
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था। गेमिंग में भारी रकम गंवाने के बाद उसने आसान पैसे कमाने के लिए नाबालिग को अपने जाल में फंसाया। ठगी से हासिल की गई राशि का बड़ा हिस्सा भी उसने ऑनलाइन गेम में खर्च कर दिया।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
महिला की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी आशीष उर्फ जैकब डामोर को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम का कुछ हिस्सा अपनी बहन के खाते में ट्रांसफर किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बने रिश्तों पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा न करें। खासकर अभिभावकों को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने को कहा गया है।
बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच यह मामला एक बड़ी चेतावनी
देवास की यह घटना बताती है कि सोशल मीडिया पर बने रिश्ते कभी-कभी गंभीर आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। ऐसे में ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता और जागरूकता पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।





















