

अंबिकापुर। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने आपातकालीन सेवा डायल-112 की कार्यप्रणाली की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान रेंज के सभी जिलों के नोडल अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर (डीसीसी) के कर्मचारी, ड्यूटी में तैनात जवान तथा वाहन चालक शामिल हुए। समीक्षा बैठक में कुल 248 अधिकारी-कर्मचारी जुड़े।
आईजी दीपक कुमार झा ने डायल-112 की कार्यप्रणाली, रिस्पांस टाइम और घटनास्थल पर त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सूचना मिलते ही निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंचकर जनसेवा की भावना से लोगों की सहायता करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। डायल-112 वर्तमान समय में पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी प्रभावशीलता जनता के बीच विश्वास बढ़ा रही है।
बैठक में आईजी ने हाल ही में डायल-112 की सफल कार्रवाई के उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एनीकट में डूब रहे एक युवक की जान स्थानीय लोगों और डायल-112 की टीम की तत्परता से बचाई गई। वहीं जशपुर जिले के लोरो घाटी में सड़क दुर्घटना के बाद वाहन के केबिन में फंसे चालक, मालिक और हेल्पर को डायल-112 टीम ने पुलिस की मदद से कटर मशीन द्वारा सुरक्षित बाहर निकालकर सराहनीय कार्य किया।
आईजी ने सभी कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखने के लिए हर कर्मचारी को अनुशासित और जिम्मेदार तरीके से कार्य करना होगा।
समीक्षा बैठक में डायल-112 वाहनों के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष निर्देश दिए गए। आईजी ने स्पष्ट कहा कि आपातकालीन वाहनों का किसी भी निजी कार्य में उपयोग नहीं किया जाए और बिना आपात स्थिति के उनका दुरुपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान कोई भी कर्मचारी नशे का सेवन न करे। अनुशासनहीनता या जनता के साथ गलत व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी नोडल अधिकारियों को दिए गए।
आईजी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से बेहतर रिस्पांस टाइम, जनसेवा और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए डायल-112 को और अधिक प्रभावी बनाने की अपील की।











