

बलरामपुर: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विकासखण्डवार निर्माण कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, विद्यालय, आश्रम, छात्रावास, शौचालय, प्रधानमंत्री एवं पीएम जनमन आवास की प्रगति, मनरेगा सहित विभिन्न कार्यों का विस्तृत समीक्षा कर कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधितों को नोटिस जारी करने तथा वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी लघु निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी, इसलिए अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में उपस्थित हों।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पूर्णता की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल एवं शौचालय सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जर्जर एवं डिस्मेंटल योग्य भवनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत नवीन शौचालय एवं शौचालय मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की धीमी गति स्वीकार नहीं की जाएगी।नवीन विद्यालय भवन निर्माण एवं अति आवश्यक मरम्मत कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आवश्यक मरम्मत कार्यों की जानकारी समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रस्ताव एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
विभिन्न मद अंतर्गत वर्षों से लंबित निर्माण कार्यों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जिले को बेहतर श्रेणी में लाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्ष 2022-23 के लंबित कार्यों को 30 जून तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद सीईओ, एसडीओ एवं तकनीकी अमले को नियमित फील्ड विजिट कर प्रत्येक कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पूर्ण हो चुके निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी पूर्ण कार्यों के पूर्णता प्रमाण-पत्र निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करें। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर लंबित सीसी जमा करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद सीसी प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।कलेक्टर ने आश्रम-छात्रावासों में निर्माणाधीन एवं अधोसंरचना संबंधी कार्यों एवं आवश्यक सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अप्रारंभ, निर्माणाधीन, पूर्ण आवासों की जानकारी ली। कलेक्टर ने आवास निर्माण में तेजी लाने एवं बेहतर कार्ययोजना के साथ आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसे प्रकरण जिनमें आवास निर्माण की राशि का दुरूपयोग कर गबन किया गया है ऐसे प्रकरणों में संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। बैठक में मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, सर्व जनपद सीईओ, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




















