राजस्थान : दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोलवा थाना क्षेत्र के द्वारापुरा गांव के पास हरिद्वार से इंदौर जा रही यात्री बस एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई और यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

बस में सवार थे 39 यात्री

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में कुल 39 यात्री सवार थे। अधिकांश यात्रियों के मध्य प्रदेश के रहने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है और गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घायलों को पहुंचाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। घायलों को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की, जबकि जिला कलेक्टर सौम्या झा ने भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को रेस्क्यू कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

कई यात्रियों को निकलने का नहीं मिला मौका

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ यात्रियों को बस से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पांच यात्रियों की मौत बस में जिंदा जलने से हुई, जबकि अन्य मृतकों की मौत गंभीर चोटों के कारण हुई। हालांकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की जांच के बाद ही होगी।

यातायात रहा बाधित, जांच शुरू

हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हो गया। राहत और बचाव कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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