
सूरजपुर/ रामनगर: सूरजपुर जिले के मां भारती पब्लिक स्कूल रूनियाडीह में देश की आजादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस को पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर अतिथि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बालकिशुन राजवाड़े, सेवानिवृत्त शिक्षक रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परसलाल प्रजापति ने की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

विद्यालय के प्रधानपाठक बोधन राम राजवाड़े के साथ समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि देश के वीर सपूतों के बलिदान को याद करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेने का अवसर भी है।
वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं से शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनके मजबूत संस्कार तथा बेहतर शिक्षा से ही एक सशक्त एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है।कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के जयघोष से विद्यालय परिसर गूंज उठा। उपस्थित पालक एवं अभिभावकों ने भी विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। हर्षोल्लास और देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण के बीच मां भारती पब्लिक स्कूल रूनियाडीह में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में राजू सिंह, रामनारायण राजवाड़े, बाबूलाल यादव, सुनील श्रीवास्तव, बृजलाल टेकाम, भण्डारी सिंह, ,धर्मजीत राजवाड़े, राजवंश लाल राजवाड़े, राजेश प्रजापति, प्रयाग दास वैष्णव, निर्मल सिंह, पारसनाथ राजवाड़े, सिंटू शर्मा, विजय यादव, दीपेश कुशवाहा, प्रवीण सिंह, मानमति प्रजापति, सोनाबाई राजवाड़े, रीता राजवाड़े, गुलाबी सिंह एवं सतरूपा प्रजापति उपस्थित रहे।




















