

बलरामपुर: जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकासखण्ड राजपुर के ग्राम अलखडीहा तथा शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम चिरई में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों से जुड़ी मांगों, शिकायतों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। संबंधित विभागों द्वारा आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया गया तथा कई मामलों में मौके पर ही समाधान उपलब्ध कराया गया।
राजपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से कुल 373 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों में राजस्व विभाग से सर्वाधिक 137 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 114, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 28, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 28, पशु चिकित्सा विभाग में 20 तथा विद्युत विभाग में 28 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन की योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राही मूलक सामग्री एवं योजनाओं का वितरण भी किया गया। मछली पालन विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को मछली जाल (नेट) प्रदान किया गया, वहीं कृषि विभाग द्वारा 6 किसानों को मूंग बीज का वितरण किया गया। हितग्राहियों ने शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ पर खुशी जताई।शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिलाओं को पोषण, मातृ स्वास्थ्य, नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के टीकाकरण, संतुलित आहार एवं समुचित देखभाल के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों की टीम ने रक्तचाप, शुगर सहित विभिन्न सामान्य बीमारियों की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं दवाइयों का वितरण किया। मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।
शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शासन की योजनाएं अब सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर योजनाओं का लाभ मिले।
इस दौरान ग्रामीणों को जनजातीय गौरव एवं गरिमा उत्सव के संबंध में भी जानकारी दी गई। वन विभाग द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभ बताए गए, वहीं श्रम विभाग ने श्रमिक पंजीयन एवं उससे मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। अन्य विभागों द्वारा भी हितग्राही मूलक योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।





















