

अम्बिकापुर; राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय “कार्यक्रम अधिकारी प्रशिक्षण सह कार्यशाला (ETI)” का चतुर्थ दिवस गुरुवार को सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, सुभाषनगर अम्बिकापुर में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यशाला 18 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित की जा रही है। आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यशाला का संचालन संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एस.एन. पाण्डेय एवं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के चौथे दिन की शुरुआत योग एवं प्राणायाम अभ्यास से हुई, जिसमें प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया।
इसके बाद पूर्व दिवस की गतिविधियों की समीक्षा एवं विचार मंथन किया गया। प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत शॉल, श्रीफल एवं जीवंत पौधा भेंट कर किया गया। डॉ. एस.एन. पाण्डेय ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निरंतर सीखते रहना ही व्यक्ति के विकास का आधार है। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों से युवाओं को सकारात्मक सोच एवं नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रथम सत्र में जिला SDRF टीम, नगर सेना कार्यालय अम्बिकापुर के विशेषज्ञों ने “आपदा प्रबंधन” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। वक्ताओं ने प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता, पूर्व तैयारी एवं सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरों की सहायता करना भी महत्वपूर्ण दायित्व है।
द्वितीय सत्र में उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर से राज्य NSS प्रकोष्ठ के श्री सत्येंद्र साहू ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने “माई भारत पोर्टल एवं CG NSS डैशबोर्ड” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को स्वयंसेवा, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों को NSS डैशबोर्ड में पंजीयन की प्रक्रिया भी समझाई।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यक्रम अधिकारियों को शैक्षिक भ्रमण हेतु पंडोनगर भी ले जाया गया। यहां प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति कुटिया का अवलोकन किया, जहां देश के प्रथम राष्ट्रपति Dr. Rajendra Prasad से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियां संरक्षित हैं। यह स्थान विशेष पिछड़ी पंडो जनजाति एवं ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
कार्यशाला में सरगुजा संभाग के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आए कार्यक्रम अधिकारी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।





















