अंबिकापुर: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय झिरमिटी (उदयपुर) में गुरुवार को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए और नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर तथा अध्ययन सामग्री भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर मंत्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षित बेटियां आत्मनिर्भर समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। बेटियों की शिक्षा से समान अवसर, आत्मनिर्भरता और सामाजिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।

मंत्री ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और शिक्षा के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज की छात्राएं भविष्य में वैज्ञानिक, चिकित्सक, प्रशासक, शिक्षिका और जनप्रतिनिधि बनकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसी संस्थाएं ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध करा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मंत्री अग्रवाल ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर छात्राओं को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं, जिनकी मेहनत से भविष्य की पीढ़ियां तैयार होती हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी छात्राओं और शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यहां अध्ययनरत बेटियां भविष्य में सरगुजा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी।

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