खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। जलभराव की वजह से मक्का और सोयाबीन की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है।सूक्ता डेम के गेट खोले जाने के बाद आसपास के गांवों में भी स्थिति प्रभावित हुई है। सरोला गांव के किसान महेश तंवर ने बताया कि सूक्ता नदी का पानी खेतों में पहुंच गया है, जिससे खड़ी फसल डूबने की स्थिति में है।

मक्का और सोयाबीन की आधे से ज्यादा फसल प्रभावित

तेज बारिश के बाद खेतों का जायजा लेने पर कई जगह मक्का और सोयाबीन की फसल पानी में डूबी नजर आई। किसानों के मुताबिक उनकी करीब 50 प्रतिशत या उससे अधिक फसल खराब हो चुकी है। अब किसान खेतों में बची हुई फसल को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं।लगातार बारिश जारी रहने पर नुकसान और बढ़ने की आशंका है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल के सड़ने और उत्पादन पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

नदी किनारे की दीवार टूटने से बढ़ी परेशानी

किसानों का आरोप है कि नदी पर जल संसाधन विभाग की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार टूट चुकी है। इसके कारण नदी का पानी खेतों की ओर फैल गया और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई।ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। कई स्थानों पर फसलें पानी के बीच खड़ी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।

जिले के कई गांवों में जलभराव की स्थिति

यह समस्या केवल सरोला गांव तक सीमित नहीं है। खंडवा जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की शिकायत सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि बारिश का दौर अगर इसी तरह जारी रहा तो बची हुई फसल भी बर्बाद हो सकती है।फसल नुकसान के साथ किसानों के सामने अगली खेती की तैयारी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है।

प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग

प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द खेतों का सर्वे कराने और वास्तविक नुकसान का आकलन करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में जलभराव के कारण फसल खराब हुई है, उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।अब प्रभावित किसानों की नजर प्रशासन की राहत और सहायता पर है। बारिश थमने और पानी उतरने के बाद नुकसान की वास्तविक तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!