सूरजपुर: शासन की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)' के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जिले की समस्त जनपद पंचायतों के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आवास निर्माण की सतत मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नियुक्त नोडल अधिकारियों को स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा एवं भौतिक निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी अप्रारंभ तथा अपूर्ण पड़े मकानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने हेतु आवश्यक समन्वय स्थापित करेंगे और निर्माण के दौरान सामने आने वाली जमीनी दिक्कतों—जैसे सामग्री की कमी, श्रमिकों की समस्या अथवा तकनीकी अड़चनों—का मौके पर ही निराकरण करेंगे। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें जिला पंचायत को नियमित प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।

जारी आदेश में जनपदवार जिम्मेदारी का स्पष्ट विभाजन किया गया है। इसके अनुसार प्रतापपुर जनपद पंचायत के लिए उप संचालक (पंचायत)  विक्रम बहादुर, सूरजपुर के लिए सहायक परियोजना अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन पाठक, भैयाथान के लिए जिला समन्वयक (PMAY-G) दीपक साहू, प्रेमनगर के लिए डी.पी.एम. (RGSA) शशि सिन्हा, ओडगी के लिए आवास समन्वयक (PMAY-G)  सुजित देव पाण्डेय तथा रामानुजनगर जनपद पंचायत के लिए सहायक अभियंता (PMAY-G)  मानसी द्विवेदी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान एक विशेष प्रपत्र में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जमा करनी होगी। इस प्रपत्र में निरीक्षण किए गए आवासों की कुल संख्या के साथ-साथ पूर्ण, निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ मकानों का पूरा लेखा-जोखा दर्ज करना अनिवार्य होगा। यदि निरीक्षण के समय हितग्राही अनुपस्थित पाया जाता है, श्रमिकों अथवा निर्माण सामग्री की कमी है, या फिर मनरेगा मजदूरी एवं किस्त भुगतान से संबंधित कोई समस्या सामने आती है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए की गई कार्रवाई की जानकारी भी प्रपत्र में देनी होगी। प्रशासन ने समस्त हितग्राहियों से अपील की है कि वे अपने स्वीकृत आवास का निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण कराएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण में लगातार ढील बरती जा रही है, उन सभी की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में सतत पेशी कराई जा रही है तथा नियमानुसार अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है।

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