
बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला भी नहीं था कि एक बार फिर खतरा बढ़ गया है। इंद्रावती नदी में ओडिशा के नबरंगपुर डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बताया जा रहा है कि डैम से करीब 162 करोड़ लीटर पानी इंद्रावती नदी की ओर छोड़ा गया है। इसके मंगलवार देर रात बस्तर पहुंचने की संभावना है।पहले ही भारी बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्र में इस नए जलप्रवाह ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
नबरंगपुर डैम से 18 घंटे में छोड़ा गया इतना पानी
केंद्रीय जल बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, ओडिशा के नबरंगपुर डैम से रविवार रात करीब 1 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक 250 क्यूमेक की दर से पानी छोड़ा गया। इसका अर्थ है कि हर सेकेंड करीब 2.50 लाख लीटर पानी नदी की ओर प्रवाहित किया गया।लगातार करीब 18 घंटे तक पानी छोड़े जाने के कारण कुल मात्रा लगभग 162 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। इस पानी के बस्तर पहुंचने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ सकता है।
बस्तर में रेड अलर्ट, देर रात पहुंच सकता है पानी
पानी के नए प्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि डैम से छोड़ा गया पानी मंगलवार देर रात करीब 2 बजे के आसपास बस्तर क्षेत्र तक पहुंच सकता है।ऐसे में नदी के आसपास और पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले ही बाढ़ से प्रभावित है बस्तर
इससे पहले चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से हुई भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। भारी बारिश के चलते नदी ने 53 साल के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था। बाढ़ के कारण बस्तर के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ था।अभी नदी का पानी पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौटा था कि डैम से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने नए संकट की आशंका पैदा कर दी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ है और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रभावित परिवारों को 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत का ऐलान भी किया। शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अलावा प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की गई है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे और आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता शीघ्र पहुंचाई जा सके।




















