

दुर्ग: रेंज साइबर थाना दुर्ग पुलिस ने बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर करीब 1.60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर पीड़ित को झांसे में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार रेंज साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत मामले की जांच के दौरान पहले एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम दिल्ली भेजी गई। वहां से मनमीत सिंह (42), ईशांत माहे उर्फ ईशु (37) और अमनदीप सिंह (33) को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का उपयोग एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्कद्वारा किया जा रहा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 1 जुलाई 2026 को दिल्ली से गिरफ्तार कर तीस हजारी न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया।आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 6 बैंक पासबुक, 4 चेकबुक और कई सिम कार्डजब्त किए गए हैं। जांच में इनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों में इनके खिलाफ साइबर ठगी की शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी मिली है।इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा, निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट सहित रेंज साइबर थाना दुर्ग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बीमा पॉलिसी रिफंड, केवाईसी अपडेट, निवेश या ऑनलाइन भुगतान से जुड़े किसी भी कॉल या संदेश पर बिना सत्यापन पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या[www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कर निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें।











