
बिलासपुर : - छत्तीसगढ़ के चर्चित कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी हत्याकांड में जिला अदालत के फैसले ने सनसनीखेज मोड़ ला दिया है। जिस हत्याकांड में पुलिस ने पारिवारिक संपत्ति विवाद को हत्या की वजह बताते हुए 22 लोगों को आरोपी बनाया था, उस मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। करीब चार साल तक चली कानूनी कार्रवाई के बाद आए इस फैसले में अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश और उनकी भूमिका को अदालत में साबित नहीं कर सका। इस फैसले के बाद प्रदेश के बहुचर्चित हत्याकांड की जांच और पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

दरअसल, 14 दिसंबर 2022 को बिलासपुर के सकरी बाइपास के पास संजू त्रिपाठी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। पुलिस जांच में हत्या के पीछे संजू और उनके भाई कपिल त्रिपाठी के बीच लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद को अहम वजह बताया गया। पुलिस ने कपिल को मुख्य आरोपी माना था। जांच में उत्तर प्रदेश से शूटर बुलाकर हत्या को अंजाम देने की साजिश का भी खुलासा किए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद यूपी के कथित शूटरों समेत कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया गया। लेकिन अदालत में अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित नहीं कर पाया और सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया गया। अब इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि दिनदहाड़े हुई इस हत्या की गुत्थी आखिर कैसे सुलझेगी?



















