सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चर्चित मां-बेटी हत्याकांड के मामले में आज फास्ट ट्रैक कोर्ट आरोपियों को सजा सुनाएगी। अदालत ने 29 सितंबर 2026 को चार आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था। अब सभी की सजा पर फैसला होना है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी विरलतम श्रेणी का अपराध बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग करने की बात कही है।

यह मामला 14 अक्टूबर 2024 का है, जब सूरजपुर में एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मामले में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, वारदात से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उसकी बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी।

पुलिस जांच के दौरान दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर मिले थे। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की गई।

29 सितंबर को चार आरोपी दोषी करार

मां-बेटी हत्याकांड की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक अदालत में चल रही थी। 29 सितंबर 2026 को अदालत ने मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया था। अब अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजय अंबस्ट के मुताबिक, अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में आता है। ऐसे में अदालत से दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग की जाएगी।इस मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू का व्यवहार भी उस समय चर्चा में आया था, जब 29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद वह अदालत से बाहर निकलते समय हंसता दिखाई दिया था। उसने स्माइली का संकेत बनाते हुए पत्रकारों से वीडियो बनाने के लिए भी कहा था।अब अदालत के फैसले से यह तय होगा कि मां-बेटी की हत्या के इस गंभीर मामले में दोषियों को क्या सजा मिलती है।

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