बलरामपुर:  पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन, गैस, खाद्य तेल और उर्वरक का कम उपयोग करने की अपील को “जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने” जैसा बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि पिछले दो महीनों से देश के कई हिस्सों, खासकर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में लोग पेट्रोल, डीजल और गैस संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में केंद्र सरकार राहत देने के बजाय जनता को कम उपयोग की सलाह दे रही है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री किसानों से उर्वरकों का उपयोग कम करने की बात कर रहे हैं, जबकि देश में पिछले कई वर्षों से उर्वरकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आज किसान महंगे उर्वरक खरीदने और कमी के कारण कर्ज में डूब रहे हैं। पार्टी के अनुसार छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक केवल सीमित मात्रा में ही सोसायटियों तक आपूर्ति हो पाई है। इससे खेती और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की “वर्क फ्रॉम होम” वाली सलाह पर भी सवाल उठाया। नेताओं ने कहा कि देश में बड़ी आबादी फील्ड में काम करने वाले मजदूरों, ठेला-फेरी लगाने वालों और छोटे कारोबारियों की है, जो घर बैठकर काम नहीं कर सकते। कांग्रेस ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने “आराम हराम है” का संदेश दिया था, जबकि वर्तमान सरकार लोगों को घर बैठने की सलाह दे रही है।

महंगाई को लेकर कांग्रेस ने कहा कि रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। खाद्य तेल, दाल, गैस और अन्य जरूरी सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं को पहले ही खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है, ऐसे में कम तेल उपयोग करने की सलाह देना आम परिवारों की परेशानियों का मजाक उड़ाने जैसा है।

सोने की कीमतों को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि 2013 में सोने की कीमत करीब 28 से 30 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि अब यह डेढ़ लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। कांग्रेस का कहना है कि इससे महंगाई की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है और मध्यम वर्ग की बचत लगातार खत्म हो रही है।

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि एक तरफ जनता को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार करोड़ों रुपये विदेश दौरों और विशेष विमानों पर खर्च कर रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर केंद्र सरकार ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई बार कच्चे तेल की कीमतें कम रही हैं। इसके बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में क्रूड ऑयल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया, जिसके कारण संकट के समय देश को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, टोल टैक्स और जीएसटी के कारण आम आदमी की आय और बचत प्रभावित हुई है। पार्टी का दावा है कि परिवारों को रोजमर्रा का खर्च चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।

अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश केवल भाषणों और नारों से मजबूत नहीं होगा। मजबूत भारत के लिए किसान, युवा, मजदूर और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई नियंत्रित करने, पेट्रोल-डीजल और गैस संकट दूर करने तथा आम जनता को राहत देने वाली नीतियां लागू करने की मांग की।

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