West Bengal Assembly Election 2026: पश्‍च‍िम बंगाल में इस बार का चुनाव बेहद खास है. ऐसा इसलिए क्योंकि मुख्‍य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही माना जा रहा है. लेकिन लंबे समय बाद अकेले चुनाव लड़ रही कांग्रेस भी कुछ सीटों पर समीकरण बदलने में लगी है. यही वजह है कि कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होता जा रहा है. प्रदेश की ऐसी एक दर्जन से ज्यादा सीटें हैं, जहां उम्मीदवार ज्यादा हैं. यही वजह है कि इन सीटों पर वोट का बिखराव भी देखने को मिल सकता है. जिन सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा हैं, पिछले चुनाव में वहां बीजेपी को फायदा मिला था. उस समय कांग्रेस मैदान में नहीं थी.

चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में सबसे ज्यादा उम्मीदवार वाली सीटों में कूच बिहार दक्षिण, जलपाईगुड़ी करनदीघी, इताहर विधानसभा सीटें हैं. यहां पर 15-15 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 7 ऐसी सीटें भी हैं जहां उम्मीदवारों की संख्या 14-14 है. ज्यादा उम्मीदवार होने की वजह से यहां जीत हार का अंतर काफी कम हो सकता है. 

कांग्रेस ने किया त्रिकोणीय मुकाबला

कांग्रेस लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल में अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ रही है. हालांकि ये भी साफ है कि यह चुनाव कांग्रेस के लिए किसी भी हालत में आसान नहीं रहने वाला है. इतना जरूर है कि कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय जरूर कर दिया है. जिन सीटों पर पिछले चुनाव में टीएमसी और बीजेपी में टक्कर थी. इस बार कांग्रेस के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

कांग्रेस को किस क्षेत्र में मिल सकता है फायदा?

कांग्रेस के नेता खुद मानते हैं कि यह चुनाव आसान नहीं है. विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यहां पार्टी को कड़ी मश्‍क्‍कत करनी पड़ रही है. लेकिन इस बार के चुनाव में कांग्रेस को मुर्शिदाबाद में फायदा मिलेगा. उन्‍होंने कहा कि इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस को अच्‍छे परिणाम की उम्‍मीद है. दूसरी तरफ कांग्रेस टीएमसी और बीजेपी से अलग तीसरे विकल्प के तौर पर काम भी कर रही है.  

इस चुनाव में कांग्रेस को ये भी उम्‍मीद है कि उसका खाता खुल सकता है. पिछले कई चुनावों से कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा होने के बजाय तेजी से गिरता जा रहा है. यही वजह है कि इस बार पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है.

दो चरणों में हो रहे विधानसभा चुनाव

बंगाल राज्य में दो फेज में चुनाव होने हैं. पिछली बार यहां 8 फेजों में चुनावी कार्यक्रम संपन्न हुआ था. ऐसे में माना जा रहा है कि दो फेज में चुनाव होना बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुश्किल साबित हो सकते हैं. यहां 294 सीटों पर वोटिंग होगी. पहला फेज की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे फेज की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी. इसके अलावा 4 मई को चुनाव परिणाम आएंगे. टीएमसी को इस चुनाव में बीजेपी से कड़ी टक्कर मिल सकती है.

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