

अंबिकापुर: सरगुजा जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पेटला शाखा में करोड़ों रुपये के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण घोटाले के मामले में सीतापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर ने बैंक कर्मचारियों एवं अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी की थी। मामले में शामिल अन्य आरोपी घटना के बाद से फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर की पेटला शाखा में केसीसी ऋण वितरण में अनियमितताओं की शिकायत पर गठित जांच दल ने जांच की थी। जांच में सामने आया कि 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खातों से कुल 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार 96 रुपये की राशि का अनियमित आहरण किया गया।जांच रिपोर्ट में तत्कालीन प्रभारी शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार, सहायक लेखापाल शिवशंकर सोनी, कैशियर ललिता सिन्हा, सामान्य सहायक सुमित कुमार, दैनिक वेतनभोगी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक कुमार चक्रधारी, तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी मदन सिंह, जोगी राम तथा वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं तत्कालीन समिति प्रबंधक सैनाथ केरकेट्टा को संयुक्त रूप से दोषी पाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 188/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान सीतापुर पुलिस ने दीपक कुमार चक्रधारी (29 वर्ष), निवासी अखोराकला, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आर्थिक अपराधों एवं धोखाधड़ी के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी सीतापुर उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक नंदकुमार प्रजापति, तिजलाल पैकरा तथा आरक्षक महेंद्र कुमार नाग की टीम ने की।











