

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे नदी-नाले और जलाशय भरने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश के मौसम को लगातार प्रभावित कर रहा है। हालांकि बुधवार से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना भी जताई गई है।
उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है मौसम सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके असर से कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि लगातार हो रही तेज वर्षा की तुलना में अब इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
बारिश ने खेती के काम पर लगाया ब्रेक
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर कृषि कार्यों पर दिखाई दे रहा है। बेमेतरा समेत कई मैदानी जिलों में खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भर गया है। जलभराव के कारण किसानों को धान की बुवाई और रोपाई का काम अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश कम होने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकलने के बाद खेती का काम फिर गति पकड़ सकेगा।
नदी, तालाब और झरने हुए लबालब
प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा से अधिकांश नदी-नाले, तालाब और प्राकृतिक जलस्रोत भर चुके हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभयारण्य क्षेत्र का माड़ोसिल्ली झरना पूरे वेग के साथ बह रहा है। वहीं जशपुर और सरगुजा संभाग के कई पहाड़ी इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे मानसूनी मौसम का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
अभी पूरी तरह नहीं थमेगी बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है और प्रदेश में नमी की आपूर्ति लगातार जारी है। ऐसे में भले ही तेज बारिश की घटनाओं में कुछ कमी आए, लेकिन कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है, वहां सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। वहीं किसानों को भी खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखते हुए मौसम सामान्य होने के बाद कृषि कार्य शुरू करने की सलाह दी गई है।











