

रायपुर : में सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में सोमवार को आयोजित अहम समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कामकाज की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने शहरों में पेयजल संकट, अवैध प्लॉटिंग और अनियंत्रित निर्माण को लेकर गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को तुरंत ठोस कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए।धमतरी की पेयजल योजना में हो रही देरी पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। यह साफ संकेत था कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई मैराथन समीक्षा, हर पहलू पर गहन चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विभागीय सचिव, संचालक, SUDA के सीईओ, सभी नगर निगम आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य अधिकारी और अभियंता शामिल थे। पूरे दिन चली इस बैठक में शहरों की व्यवस्थाओं से जुड़े हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।
अब काम दिखना चाहिए, सिर्फ फाइलों में नहीं: अरुण साव का सख्त निर्देश
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब काम कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने हर निकाय को शहर की जरूरत के अनुसार ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसे उदाहरण पेश करें कि नगर पालिकाएं उनसे प्रेरणा लें और नगर पालिकाएं ऐसा काम करें जिससे नगर पंचायतें सीख सकें। गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर भी उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि किसी भी तरह की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
बजट खर्च नहीं, समस्या का स्थायी समाधान हो प्राथमिकता
पेयजल संकट को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि केवल बजट खर्च करने के लिए काम न किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले साल तक सभी नगर निगमों में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही उन्होंने 31 मई तक बड़े नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूरी करने के आदेश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और यदि काम संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के सख्त निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधूरे मकानों को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। जो आवास अभी शुरू नहीं हुए हैं, उनका निर्माण एक महीने के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए गए।साथ ही मार्च 2026 में स्वीकृत सभी आवासों का काम बारिश से पहले शुरू करने को कहा गया। समय पर निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा बड़ा फायदा, पीएम स्वनिधि योजना पर जोर
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स तक पहुंचे। इसके लिए बैंकों से समन्वय कर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।इसके साथ ही शहरों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के अधिक से अधिक प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिसमें डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग को भी शामिल करने की बात कही गई।
इन योजनाओं और कार्यों की हुई व्यापक समीक्षा, हर विभाग की ली गई रिपोर्ट
बैठक के दौरान नगरीय निकायों के राजस्व संग्रह, बिजली बिल भुगतान, कर्मचारियों के वेतन, अधोसंरचना विकास, 15वें वित्त आयोग के कार्य, जल योजनाएं, स्वच्छता मिशन, अमृत मिशन, आपदा प्रबंधन, गोधन योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, I got कर्मयोगी और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।डिप्टी सीएम अरुण साव 21 अप्रैल को नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा भी करेंगे, जिससे यह स्पष्ट है कि अब पूरे प्रदेश में नगरीय व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक सुधार अभियान चलाया जा रहा है।

































