

कांकेर। छत्तीसगढ़ की राजनीति और खासकर कांकेर जिले के कांग्रेस संगठन को मंगलवार को बड़ा आघात लगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर का हैदराबाद में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था।
निधन की खबर से कांकेर में शोक का माहौल
जितेंद्र सिंह ठाकुर के निधन की सूचना मिलते ही कांकेर शहर सहित पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन को पार्टी और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि जनसरोकारों से जुड़े सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में भी रही। यही वजह है कि उनके निधन की खबर ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों को गहराई से प्रभावित किया है।
कांग्रेस संगठन की मजबूत कड़ी थे जितेंद्र ठाकुर
कांग्रेस पार्टी में जितेंद्र सिंह ठाकुर को संगठन की मजबूत नींव माना जाता था। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती थीं। संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ के कारण वे पार्टी नेतृत्व के भरोसेमंद नेताओं में शामिल थे।कांग्रेस के कई बड़े अभियानों और चुनावी रणनीतियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था सार्वजनिक जीवन
जितेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। युवावस्था से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। नगर पालिका में उपाध्यक्ष रहने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद का चुनाव भी जीता और शहर के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके कार्यकाल को कांकेर के शहरी विकास और जनहित से जुड़े कई प्रयासों के लिए याद किया जाता है।
कांकेर के विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में उन्होंने शहर की आधारभूत सुविधाओं, नागरिक सेवाओं और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण लोगों के बीच उनकी सहज पहुंच और सक्रिय जनसंपर्क था।राजनीतिक मतभेदों से परे भी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था।
कैंसर से जंग लड़ रहे थे वरिष्ठ नेता
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें हैदराबाद ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी था। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और मंगलवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक जगत ने जताया शोक
हाल के दिनों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता T. S. Singh Deo भी कांकेर प्रवास के दौरान उनके निवास पहुंचे थे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।जितेंद्र सिंह ठाकुर के निधन के साथ ही कांकेर कांग्रेस ने अपने एक अनुभवी, समर्पित और प्रभावशाली नेता को खो दिया है। उनके योगदान और राजनीतिक विरासत को लंबे समय तक याद किया जाएगा।





















