

मध्य प्रदेश : सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने कोतवाली थाना में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक दिनेश रघुवंशी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
शिकायत से खुला खेल, ठगी केस में रिपोर्ट के नाम पर मांगी थी रकम
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले के अनुसार, ग्राम छितापार निवासी नंदकिशोर चौरसिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनके बेटे के साथ नौकरी दिलाने और सरकारी विभाग में वाहन लगवाने के नाम पर ठगी हुई थी, जिसकी एफआईआर थाना कोतवाली में दर्ज थी।
जब नंदकिशोर मामले की प्रगति जानने जांच अधिकारी दिनेश रघुवंशी से मिले, तो आरोपी एएसआई ने सही रिपोर्ट तैयार करने और फर्जी हस्ताक्षर की जांच कराने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान सौदा 20 हजार रुपये में तय हो गया।
चाय दुकान पर बिछा जाल, पैसे लेते ही दबोचा गया आरोपी
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। बस स्टैंड के पास एक चाय दुकान पर जाल बिछाया गया। जैसे ही दिनेश रघुवंशी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लिए, टीम ने तुरंत उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
टीम की सतर्कता से सफल हुई कार्रवाई, जनता से की अपील
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी ने किया। टीम में निरीक्षक राहुल गजभिए, शशिकला मस्कुले और उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो बिना देरी इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में करें।





















