

रायपुर। चर्चित नव्या मलिक ड्रग केस में पुलिस ने एक बार फिर से जांच को नए सिरे से शुरू कर दिया है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम की कमान कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा को सौंपी गई है।
टीम में दो थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जो केस से जुड़े डिजिटल, वित्तीय और नेटवर्किंग एंगल की गहराई से जांच करेंगे।
मोबाइल डेटा और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार नव्या मलिक और उनके सहयोगियों के जब्त मोबाइल फोन का सीडीआर निकाला जा रहा है। इसके अलावा बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई लेन-देन और ड्रग नेटवर्क से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी विदेश यात्रा और फॉरेन ट्रिप से जुड़े दस्तावेज पुलिस से साझा करने की मांग की है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा सके।
850 हाई-प्रोफाइल लोगों से संपर्क का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि नव्या मलिक और उनकी सहयोगी विधि अग्रवाल करीब 850 हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्क में थीं। इन लोगों में कथित तौर पर होटल कारोबारी, प्रभावशाली परिवारों के सदस्य और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की पुष्टि और भूमिका की जांच कर रही है।
विदेश से ड्रग सप्लाई और बड़े नेटवर्क की आशंका
यह मामला पहले से ही हाई-प्रोफाइल ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा माना जा रहा है। आरोप है कि पाकिस्तान समेत विदेशों से एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थ मंगाए जाते थे और फिर रायपुर सहित कई राज्यों में सप्लाई किए जाते थे।
नव्या मलिक, जो पेशे से इंटीरियर डिजाइनर बताई जाती हैं, को पहले हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
SIT किन अहम बिंदुओं पर करेगी जांच
नई जांच टीम अब कई अहम पहलुओं पर काम कर रही है, जिनमें शामिल हैं—
- ड्रग का असली स्रोत और मुख्य सप्लायर की पहचान
- रायपुर, मुंबई और अन्य राज्यों में फैला पूरा सप्लाई नेटवर्क
- खरीद, बिक्री, भंडारण और वितरण में आरोपियों की भूमिका
- ड्रग से अर्जित धन का पूरा मनी ट्रेल
- मोबाइल, चैट, कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच
- क्लब, पब और प्राइवेट पार्टियों में ड्रग सप्लाई का कनेक्शन
- ड्रग खरीदने वाले ग्राहकों और उपभोक्ताओं की पहचान
- अंतरराज्यीय और पुराने एनडीपीएस मामलों से संभावित लिंक
- किसी प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा संरक्षण या सहयोग की भूमिका
पुलिस का दावा: पूरे नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क की परतें खोलने के लिए की जा रही है। आने वाले दिनों में कई बड़े नामों और कनेक्शनों का खुलासा हो सकता है।











