

अमेरिका : जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों के आयात को लेकर बड़ा व्यापारिक फैसला लिया है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नया शुल्क शुक्रवार से प्रभावी हो गया है। इस कदम का उद्देश्य फोर्स्ड लेबर से जुड़े सामान के आयात पर सख्ती बढ़ाना बताया गया है।
भारत को मिला 10 प्रतिशत वाला टैरिफ स्लैब
सूत्रों के अनुसार, भारत पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन श्रम संबंधी मानकों को लेकर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद अमेरिका ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत भारत को 10 प्रतिशत वाले निचले टैरिफ स्लैब में रखा है।
जांच के बाद लिया गया फैसला
यह निर्णय अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) की ओर से सेक्शन 301 के तहत की गई जांच के आधार पर लिया गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका में जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर लंबे समय से प्रतिबंध लागू है और इसका सख्ती से पालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका चाहता है कि उसके व्यापारिक साझेदार भी ऐसे मानकों को अपनाएं।
इन देशों पर भी लगा अतिरिक्त टैरिफ
भारत के अलावा अमेरिका ने इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, मेक्सिको, पाकिस्तान और ब्रिटेन सहित कई देशों के कुछ उत्पादों पर भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। वहीं कुछ अन्य देशों के लिए यह शुल्क 12.5 प्रतिशत तक निर्धारित किया गया है।
कुछ उत्पाद इस फैसले से बाहर
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जिन उत्पादों पर पहले से अलग सेक्टोरल टैरिफ लागू हैं, उन पर यह नया अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा। स्टील और एल्युमिनियम जैसे उत्पाद इस श्रेणी में शामिल हैं, इसलिए वे इस नए निर्णय से प्रभावित नहीं होंगे।










