उत्तर प्रदेश : विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद हजारों आंगनवाड़ी सेविकाओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी व्यवस्था का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा और प्रदेश में पहले की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठाए।

2017 से पहले की व्यवस्था पर सीएम योगी का हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब थी। उनके अनुसार, कई केंद्र जर्जर हालत में थे और बच्चों के लिए जरूरी सामग्री भी समय पर नहीं पहुंचती थी।

उन्होंने कहा कि जब केंद्रों तक आवश्यक पोषाहार और दूसरी सामग्री नहीं पहुंचती थी, तो इसका असर सीधे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों पर पड़ता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय की व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं थीं।

बच्चों को टाट और पानी तक साथ लाने की बात

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले कई आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के बैठने के लिए टाट तक उपलब्ध नहीं होता था। पानी जैसी बुनियादी सुविधा की भी कमी रहती थी।

उन्होंने दावा किया कि स्थिति ऐसी थी कि कई बच्चों को केंद्र आने के दौरान अपने साथ टाट और पानी तक लाना पड़ता था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से धनराशि मिलने के बावजूद प्रदेश स्तर पर व्यवस्था प्रभावी तरीके से संचालित नहीं हो रही थी।

पोषाहार व्यवस्था को लेकर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पहले आंगनवाड़ी रेसिपी और पोषाहार से जुड़ी व्यवस्था पर प्रभावशाली लोगों का दखल था। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार में ऐसी स्थिति नहीं है और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

अयोध्या के पुराने हालात का भी किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि करीब 10 साल पहले अयोध्या में सड़कों और बिजली जैसी सुविधाओं की स्थिति अलग थी और शहर में विकास कार्यों की कमी थी।

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अयोध्या में बड़े स्तर पर निर्माण और विकास कार्य शुरू किए गए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।

आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

मानदेय में 4 हजार रुपये की बढ़ोतरी आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब उनका मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये हो जाएगा।

सरकार के इस फैसले को जहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं विधानसभा चुनाव से पहले इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने वाले कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।

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