

मध्य प्रदेश : कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को ग्वालियर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जहां उनके खिलाफ आरोप तय होने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है मामला
यह पूरा प्रकरण वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के समय का है। 4 मई 2024 को भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र में जीतू पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बीएसपी प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया था। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी।
कोर्ट में पेश नहीं होने पर जारी हुआ था वारंट
मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने जीतू पटवारी को 16 जनवरी 2026 को पेश होने के लिए समन जारी किया था। निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं होने के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
भिंड पुलिस को मिला था अदालत का निर्देश
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने भिंड के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया था कि 27 जुलाई तक हर हाल में जीतू पटवारी की अदालत में मौजूदगी सुनिश्चित कराई जाए। इसी बीच पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर जीतू पटवारी अपने अधिवक्ताओं के साथ ग्वालियर पहुंचे और अदालत में सरेंडर कर दिया।
अब 3 अगस्त पर टिकी नजर
अदालत ने सरेंडर स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। अब 3 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले में आरोप तय किए जाने पर फैसला हो सकता है, जिससे आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।











