
रीवा। रीवा संभाग के कई शहरों में पिछले दो दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। रीवा जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां एक ही दिन में 187 मिमी यानी सवा सात इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब एक दशक बाद रीवा में इतनी विकट बारिश देखने को मिली है। लगातार पानी गिरने से शहर की सड़कें, बाजार, मकान और कई सरकारी कार्यालय जलभराव की चपेट में आ गए हैं।
शहर से गांव तक पानी ही पानी
मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई जगह सड़कें जलमग्न होने के कारण सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक हैं। लगातार बारिश के कारण खेतों और बस्तियों में पानी जमा हो रहा है, जबकि प्रमुख नदी और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
नदियां और नाले उफान पर, बढ़ी चिंता
बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही वर्षा के चलते जिले की कई नदियां और नाले उफान पर हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी बस्तियों में भी जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मानसून का आंकड़ा 426.8 मिमी तक पहुंचा
रीवा जिले में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 426.8 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले दो दिनों में हुई भारी वर्षा ने मौसम के पूरे समीकरण को बदल दिया है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती जलभराव से प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने और लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर नजर बनाए रखने की है। दस साल बाद हुई इस तरह की भारी बारिश ने स्थानीय लोगों की पुरानी यादें भी ताजा कर दी हैं।




















