
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र के सिकरी गांव में दिवाली के दिन बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन इमारत में लिंटर डालने के दौरान अचानक स्लैब गिर गया, जिससे मौके पर काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, मलबे से पांच मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान एक मजदूर ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य का उपचार किया गया। शुरुआती आशंका के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है और अब मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी नहीं है।
लिंटर डालते समय खिसकी शटरिंग, हादसे की वजह की जांच
मोदीनगर की विधायक मंजू शिवाच ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान स्लैब डालते समय शटरिंग खिसकने या किसी अन्य तकनीकी कारण से लिंटर गिरने की आशंका है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विधायक ने दुख जताते हुए कहा कि दिवाली जैसे त्योहार के दिन भी मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। उनके मुताबिक, घटनास्थल पर करीब छह से सात मजदूर मौजूद थे।
पुलिस और NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल भिजवाया गया।
DCP ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और SDRF की टीमों को मौके पर भेजा गया था। सभी एजेंसियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। पांच लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है और अब कोई भी व्यक्ति मलबे में फंसा नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया घटना का संज्ञान
गाजियाबाद के इस हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने अधिकारियों से मृतक मजदूर के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही, उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।फिलहाल हादसे के कारणों की जांच महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण स्थल पर शटरिंग खिसकने या किसी अन्य तकनीकी चूक के चलते यह दर्दनाक दुर्घटना हुई।











