
कोलकाता : चोरबागान इलाके में शनिवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने गंभीर हादसे का रूप ले लिया। इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पुलिस ने आयोजकों समेत कई लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और सात लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे।
अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, कालीघाट मंदिर में की पूजा
हादसे के बाद अमित शाह ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों के अपने सभी निर्धारित दौरे रद्द कर दिए। रविवार सुबह वे कालीघाट मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर हादसे में घायल लोगों का हाल जाना। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।पुलिस ने घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा 20 अक्टूबर तक लागू की है।
तेज बारिश के बीच पंडाल में बढ़ी भीड़, फिर मची अफरा-तफरी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े लोगों ने पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की।बताया जा रहा है कि पंडाल के अंदर रोशनी कम होने के कारण वहां मौजूद भीड़ का सही अंदाजा लगाना मुश्किल था। ऐसे में बाहर से लोग लगातार अंदर प्रवेश करते रहे और भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। हादसे के सटीक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पंडाल खाली करने की घोषणा किसने की थी और क्या इस घोषणा से लोगों के बीच घबराहट फैली। जांच के तहत स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।मामले में आयोजकों समेत कई लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और संभावित लापरवाही के पहलुओं की जांच में जुटी है।
मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता
हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 25-25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा, प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को ग्रुप डी श्रेणी में सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया गया है।




















