
मध्य प्रदेश मे निवेश और रोजगार को गति देने की तैयारी के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को मुंबई दौरे पर रहेंगे। आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से पहले उनका यह दौरा खास माना जा रहा है। मुंबई मे मुख्यमंत्री उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर प्रदेश मे उपलब्ध निवेश संभावनाओं और नए औद्योगिक अवसरों पर चर्चा करेंगे।
वन-टू-वन बैठक मे निवेश पर सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री मुंबई मे कई प्रमुख उद्योगपतियों के साथ व्यक्तिगत बैठक करेंगे। इन मुलाकातों के दौरान ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, केमिकल और नई ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को मध्य प्रदेश मे निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
सरकार का फोकस केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं है। उद्योगों के साथ स्थानीय सप्लाई चेन, सहायक इकाइयों और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
चार बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट पर रहेगा फोकस
मुंबई के उद्योग समूहों के सामने मध्य प्रदेश के कुछ खास औद्योगिक क्षेत्रों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इनमे ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम का बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार का पीएम मित्रा पार्क और उज्जैन का मेडिकल डिवाइसेज पार्क शामिल है।
इन परियोजनाओं को संबंधित उद्योगों की जरूरत को ध्यान मे रखकर विकसित किया जा रहा है। ग्वालियर मे टेलीकॉम उपकरण, नर्मदापुरम मे अक्षय ऊर्जा से जुड़े उपकरण, धार मे टेक्सटाइल और गारमेंट तथा उज्जैन मे मेडिकल डिवाइस निर्माण के लिए निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है।
निवेश के साथ रोजगार और सप्लाई चेन पर जोर
सरकार की रणनीति बड़े उद्योगों के साथ उनके आसपास सहायक इकाइयों का नेटवर्क तैयार करने की भी है। इससे स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होने के साथ रोजगार के नए रास्ते खुल सकते है। मुख्यमंत्री की उद्योगपतियों के साथ होने वाली बातचीत मे इन्ही संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।
विदेशी निवेश तक पहुंच बनाने की तैयारी
मुंबई दौरे के दौरान भारत मे मौजूद विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद प्रस्तावित है। सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश मे उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाना और विदेशी कंपनियों को प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ना है।
GIS 2027 से पहले निवेश जुटाने पर फोकस
जनवरी 2027 मे प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मध्य प्रदेश सरकार ने उद्योग समूहों के साथ सीधा संवाद बढ़ाया है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के प्रमुख कारोबारी केंद्रों मे पहुंचकर निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक क्षमता से परिचित कराया जा रहा है। मुंबई दौरे को इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।




















