
रीवा। गांधी स्मारक चिकित्सालय के स्त्रीरोग विभाग में 26 अगस्त को प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले ने अब प्रशासनिक जांच का रूप ले लिया है। परिजनों की शिकायतों और अस्पताल में इलाज के दौरान उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए रीवा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जांच के आदेश जारी किए हैं। मामले की जांच की जिम्मेदारी सिरमौर SDM दृष्टि जायसवाल को सौंपी गई है। उन्हें 30 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में भर्ती से लेकर इलाज तक खंगाला जाएगा पूरा घटनाक्रम
जांच में कल्पना मिश्रा के अस्पताल पहुंचने और भर्ती किए जाने से लेकर उनकी मृत्यु तक की पूरी परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। अधिकारी यह देखेंगे कि अस्पताल में भर्ती के समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति क्या थी, डॉक्टरों ने कौन-कौन से परीक्षण कराए और किस तरह का उपचार दिया गया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनकी तबीयत कैसी रही और इसके बाद उन्हें किस प्रकार का इलाज मिला, इसकी जानकारी भी जांच के दायरे में होगी। इसके अलावा नवजात शिशु की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसे भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की भूमिका की होगी जांच
प्रशासनिक जांच में गांधी स्मारक चिकित्सालय के संबंधित डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका भी देखी जाएगी। स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष, अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज के डीन तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और संभावित लापरवाही के बिंदुओं की भी जांच की जाएगी।
इसके साथ ही परिजनों की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर अवैध लाभ की मांग या अपेक्षा किए जाने के आरोपों की भी तथ्यात्मक जांच होगी।
राज्य स्तरीय तकनीकी जांच की रिपोर्ट भी होगी शामिल
कलेक्टर के आदेश के मुताबिक जांच अधिकारी को उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर स्पष्ट अभिमत के साथ रिपोर्ट तैयार करनी होगी। मामले की तकनीकी जांच के लिए गठित राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट को भी अंतिम जांच के दौरान ध्यान में रखा जाएगा।
न्याय और FIR की मांग को लेकर धरने पर परिजन
कल्पना मिश्रा के परिजन उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं। परिवार का आरोप है कि मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इससे पहले उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी थी।
अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कल्पना मिश्रा के उपचार में किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही, प्रक्रिया संबंधी चूक या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं। रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा।



















