CG News Pangolin Found in Korba:  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में देर रात उस वक्त लोगों की उत्सुकता बढ़ गई, जब एक ग्रामीण के घर के आंगन में दुर्लभ पैंगोलिन नजर आया। अचानक इस वन्यजीव को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए उसे पकड़ने या परेशान करने के बजाय वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पैंगोलिन को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।

रात के सन्नाटे में आंगन में दिखा अनोखा वन्यजीव

जानकारी के मुताबिक, कोरबा के पाली क्षेत्र के एक गांव में रात करीब 12:30 बजे ग्रामीण के घर के आंगन में पैंगोलिन दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी। पैंगोलिन के गांव तक पहुंचने की वजह भोजन की तलाश मानी जा रही है, हालांकि वन विभाग की ओर से इसके पहुंचने की कोई निश्चित वजह नहीं बताई गई है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

पैंगोलिन के दिखाई देने की जानकारी वन विभाग तक पहुंचते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने सावधानी के साथ वन्यजीव को अपने कब्जे में लिया, ताकि उसे किसी तरह की चोट न पहुंचे। रेस्क्यू के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे उपयुक्त प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

पैंगोलिन को लेकर ग्रामीणों में दिखी खास जिज्ञासा

दुर्लभ वन्यजीव को पहली बार करीब से देखने के कारण ग्रामीणों में काफी उत्सुकता रही। मौके पर मौजूद लोगों ने पैंगोलिन को नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना देना उचित समझा। वन विभाग की ओर से भी लोगों से अपील की जाती है कि आबादी वाले इलाकों में कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसके करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करें और तत्काल संबंधित विभाग को जानकारी दें।

कोरबा के जंगलों में मिलते हैं कई दुर्लभ वन्यजीव

कोरबा का इलाका विस्तृत वन क्षेत्र और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। भारतीय पैंगोलिन भी इसी वन्यजीव विविधता का हिस्सा है। यह मुख्य रूप से चींटियों और दीमकों को खाता है और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका निभाता है। भारतीय पैंगोलिन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित वन्यजीव का दर्जा प्राप्त है।

वन विभाग ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

वन विभाग का कहना है कि घर, खेत या गांव के आसपास कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो लोग उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वन्यजीव को घेरने, पकड़ने या छेड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देना चाहिए। इससे वन्यजीव और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

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