Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में 28 सितंबर का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार बन गया। पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत ने एक साथ दो पदक अपने नाम किए। यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। यशवीर ने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर का थ्रो करके नया पर्सनल बेस्ट बनाया, जबकि रोहित का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 84.35 मीटर रहा।इस मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। इस तरह भारतीय जोड़ी ने पोडियम पर दूसरे और तीसरे स्थान पर कब्जा जमाते हुए देश को जैवलिन में डबल मेडल दिलाया।

नीरज चोपड़ा नहीं उतरे, फिर भी भारत का डबल मेडल

भारतीय जैवलिन के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। नीरज ने इससे पहले 2018 और 2023 के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। उनकी गैरमौजूदगी में यशवीर सिंह और रोहित यादव पर भारत की उम्मीदें थीं और दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि नीरज के बिना भी पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा में दो भारतीय एथलीट मेडल जीतने में सफल रहे।

यशवीर ने आखिरी थ्रो में पलटा मुकाबला

यशवीर सिंह ने प्रतियोगिता की शुरुआत 83.56 मीटर के थ्रो से की। मुकाबले के शुरुआती दौर में वह शीर्ष स्थान के आसपास बने रहे। वहीं तीसरे प्रयास में रोहित यादव ने 84.35 मीटर का शानदार थ्रो किया और कुछ समय के लिए दूसरे स्थान पर पहुंच गए।इसके बाद असली रोमांच आखिरी दौर में देखने को मिला। यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर भाला फेंका। यह उनका पर्सनल बेस्ट भी रहा। इस थ्रो के साथ उन्होंने रोहित को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया।

रुमेश पथिरागे ने आखिरी दौर में छीन लिया गोल्ड

श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे पूरे सीजन शानदार फॉर्म में रहे हैं और एशियन गेम्स के फाइनल में भी उनका प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने 88 मीटर से ज्यादा का थ्रो करके भारतीय खिलाड़ियों पर बढ़त बनाई।पथिरागे का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 88.55 मीटर रहा, जिसके दम पर उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यशवीर 85.72 मीटर के साथ दूसरे और रोहित 84.35 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

भारत को एक ही इवेंट में मिले दो मेडल

जैवलिन थ्रो के इस फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले के दौरान लगातार पदक की स्थिति बनाए रखी। रोहित यादव के 84.35 मीटर के थ्रो ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जबकि यशवीर के आखिरी प्रयास ने भारत की झोली में सिल्वर पक्का कर दिया।इस तरह नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत ने पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज, दोनों पदक हासिल किए।

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