
भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भोपाल में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यालय में आयोजित सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भूरिया ने उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हुए फांसी की सजा दिए जाने की मांग तक कर दी। उनके बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
EVM को लेकर भी उठाए सवाल
भूरिया ने अपने संबोधन में EVM के इस्तेमाल का भी विरोध किया। उन्होंने चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग करते हुए EVM को कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी राजनीतिक आरोप लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नामों के बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की।
बैरिकेड पर चढ़े कार्यकर्ता, वाटर कैनन का इस्तेमाल
CEO कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन चलाया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे समेत कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है।
प्रदर्शन में कांग्रेस ने प्रतीकात्मक तरीके से भी विरोध जताया। एक कार्यकर्ता को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर जंजीरों में दिखाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी की।




















