Stock Market Fall Today:  भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी बिकवाली देखने को मिली। सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में नजर आए। इस गिरावट के बीच निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।बाजार में कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक बाजारों पर भी दबाव देखा गया।

निफ्टी 23 हजार के नीचे, सेंसेक्स में 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट

कारोबार के शुरुआती दौर में निफ्टी-50 करीब 1.5 फीसदी नीचे आ गया। वहीं सेंसेक्स में करीब 1.4 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया।तेज गिरावट के चलते निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे और सेंसेक्स 73,000 के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा और कई श्रेणियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

ट्रंप के फैसले के बाद बढ़ी बाजार की चिंता

बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और संघर्ष समाप्त करने से जुड़े ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने की खबरों के बाद बाजार में चिंता बढ़ी।तनाव बढ़ने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। इससे निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी असर

शेयर बाजार की धारणा पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों का भी असर पड़ा। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सोमवार के कारोबार में भी वैश्विक तनाव और पूंजी निकासी को लेकर निवेशकों की चिंता बनी रही।इन कारकों के बीच बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

शुरुआती कारोबार में करीब 6 लाख करोड़ रुपये घटा मार्केट कैप

बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। BSE के आंकड़ों के अनुसार शुरुआती कारोबार में कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 6 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 476 लाख करोड़ रुपये रह गया।

यानी बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी दर्ज हुई। अब निवेशकों की नजर आगे के कारोबार में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।

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