
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। सितंबर में तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा ऊपर नहीं जाने और वातावरण में नमी बने रहने के कारण इस बार गुलाबी सर्दी की शुरुआत सामान्य समय से पहले होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है।दिन में हालांकि धूप और उमस लोगों को गर्मी का अहसास कराती रहेगी, लेकिन सुबह और देर रात मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में अंतर भी बढ़ने के आसार हैं।
दो दिन मौसम रहेगा शुष्क, दिन में बढ़ सकती है गर्मी
फिलहाल प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। ज्यादातर इलाकों में बारिश थमने के बाद मौसम शुष्क बना हुआ है। अगले दो दिनों तक भी प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना कम है।आसमान साफ रहने और दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि हवा में नमी के चलते कई जगह उमस बनी रह सकती है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर महसूस होगा।
गुरुवार से फिर बदल सकता है मौसम
शुष्क मौसम का यह दौर बहुत लंबा चलने के आसार नहीं हैं। गुरुवार से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम फिर करवट ले सकता है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ने और बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
करीब तीन दिन तक अलग-अलग इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
बारिश के बाद रात के तापमान में आ सकती है तेजी से गिरावट
बारिश के दौरान बादल छाए रहने से दिन के तापमान में कमी आ सकती है। धूप कमजोर होने के कारण अधिकतम तापमान नीचे जाने की संभावना रहेगी। वहीं बारिश के बाद जब आसमान साफ होगा, तब रात के समय धरातल की गर्मी तेजी से बाहर निकलने लगेगी।
इसी प्रक्रिया का असर न्यूनतम तापमान पर दिखाई दे सकता है। अक्टूबर में प्रवेश के साथ रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने के आसार हैं।
दिन में गर्मी, सुबह-रात में ठंडक का दिखेगा असर
आने वाले समय में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल सकता है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस होगी, जबकि सूर्यास्त के बाद तापमान तेजी से नीचे जा सकता है। खुले और ग्रामीण क्षेत्रों में रात की ठंडक शहरों की तुलना में अधिक महसूस होने की संभावना है।
अभी दिन के समय पंखे और कूलर की जरूरत बनी हुई है, लेकिन देर रात और सुबह का मौसम धीरे-धीरे आरामदायक होने लगेगा। अक्टूबर आगे बढ़ने के साथ यह बदलाव और स्पष्ट हो सकता है।
क्या होती है गुलाबी सर्दी?
गुलाबी सर्दी उस मौसम को कहा जाता है, जब न तेज ठंड पड़ती है और न ही गर्मी ज्यादा परेशान करती है। सुबह और शाम हल्की ठंडक रहती है, जबकि दिन का तापमान सामान्य बना रहता है।
इस दौरान न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे नीचे आता है। मानसून की विदाई के बाद बारिश कम होने, आसमान साफ होने और रात में धरातल से गर्मी निकलने की प्रक्रिया तेज होने से ठंडक बढ़ने लगती है।
इस बार जल्दी महसूस हो सकती है ठंडक
सितंबर के दौरान बने मौसम के हालात को देखते हुए इस बार गुलाबी सर्दी की शुरुआत कुछ जल्दी होने के संकेत मिल रहे हैं। पहले शुष्क मौसम के चलते दिन में गर्मी रहेगी, फिर बारिश का एक और दौर तापमान में बदलाव ला सकता है।
बारिश खत्म होने और आसमान साफ होने के बाद रात के तापमान में गिरावट का क्रम तेज हो सकता है। ऐसे में अक्टूबर की शुरुआत से ही सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस होने लगे तो यह मौसम के बदलते मिजाज का संकेत होगा।




















