
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की रोहिणी जेल में एक विचाराधीन कैदी की हत्या का मामला सामने आया है। जेल परिसर में कैदी पर उसके ही साथियों द्वारा धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई है। गंभीर रूप से घायल कैदी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
आर्म्स एक्ट के मामले में जेल में बंद था मृतक
मृतक की पहचान प्रमोद के तौर पर हुई है। वह आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में रोहिणी जेल में बंद था। जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 12 बजे जेल के भीतर उस पर हमला किया गया।हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रमोद को जेल से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
साथी कैदियों पर हमले का आरोप
प्रारंभिक जानकारी में हमले का आरोप जेल में बंद भोला और प्रमोद के साथियों पर लगाया गया है। हालांकि, घटना में शामिल आरोपियों की भूमिका और उनकी संख्या को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
जेल में धारदार हथियार पहुंचने का सवाल
इस घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि जेल जैसे सुरक्षित परिसर के भीतर धारदार हथियार कैसे पहुंचा। पुलिस और जेल प्रशासन इस बिंदु की भी जांच कर रहे हैं। हथियार की बरामदगी, उसके स्रोत और हमले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
तंबाकू बेचने की चर्चा, लेकिन वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं
घटना के बाद ऐसी चर्चा सामने आई है कि मृतक जेल के भीतर तंबाकू बेचता था और इसी से जुड़े किसी विवाद के कारण हमला किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी हत्या की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस दावे को फिलहाल संभावित कारण के तौर पर ही देखा जा रहा है।
हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
जेल प्रशासन और पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि हमला किस तरह हुआ, धारदार हथियार हमलावरों तक कैसे पहुंचा और घटना से पहले कैदियों के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं।पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।




















