जमुई। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान शुरू कर दी है और जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है।घटना के सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार के DGP को पत्र भेजकर आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पीड़ितों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक सहयोग सुनिश्चित करने की बात भी कही है।

वीडियो से सामने आए सुराग, पुलिस ने शुरू की पहचान

पुलिस के मुताबिक घटना 19 सितंबर की शाम की है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद जांच टीम ने फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों और अन्य सुरागों की मदद से पीड़ितों तक पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि वीडियो में नजर आ रही गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से भी जांच में मदद मिली।जांच के दौरान करीब सात लोगों की कथित तौर पर पहचान किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।

SIT करेगी पूरे मामले की जांच

जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है। टीम वीडियो फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित करने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस ने पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच का उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है।

महिला आयोग ने DGP को दिए निर्देश

राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार DGP से तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। आयोग ने सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ समयबद्ध तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को आगे शेयर होने से रोकने के लिए भी जरूरी कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर Action Taken Report मांगी है।

सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई

मामले में पुलिस का फोकस सिर्फ घटना में शामिल लोगों तक सीमित नहीं है। वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर आगे प्रसारित करने वाले अकाउंट्स की भी पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को प्रसारित करना भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।इस बीच बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन से घटना तथा अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

आगे की जांच में साफ होगी हर आरोपी की भूमिका

फिलहाल पुलिस वीडियो, बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। तीन गिरफ्तारियों के बाद अब जांच का अगला चरण घटना में शामिल बाकी संदिग्धों की पहचान और उनकी भूमिका तय करने पर केंद्रित है।पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!